Thursday, June 10, 2021

Rajasthan ke Lokdevta

राजस्थान के लोकदेवता
राजस्थान के लोकदेवता
बिग्गाजी :- 

बिग्गाजी का जन्म 1301 ई. ( विक्रम सम्वत 1358 ) को "रिडी गाँव" ( बीकानरे ) एक किसान जाट परिवार में पिता "राव मोहन" माता "सुल्तानी" के यहाँ हुआ | बिग्गाजी विक्रम सम्वत 1339 में गोरक्षार्थ मुस्लिम लुटरो से राठाळी-जोहड़ के युद्ध लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए | जाखड़ ( जाट ) समाज वीर बिग्गाजी को अपना कुल देवता मानता है |

बीकानेर जिले में श्रीडूँगरपुर तहसील में बिग्गाजी नामक गाँव में प्रतिवर्ष 14 अक्टूबंर को बिग्गाजी की स्मृति में मेला आयोजित होता है | 


भूरिया बाबा :- 

भूरिया बाबा को "गौतम बाबा" के नाम से भी जाना जाता है जो शौर्य के प्रतीक रहे है | सिरोही जिले  अरावली  श्रृंखलाओं के मध्य सुकड़ी नदी ( जिसे लोग "पतित गंगा" भी कहते है  ) के किनारे पर दिल्ली*अहमदाबाद रेलमार्ग के नाणा रेलवे स्टेशन से 10 किमी दूर गोमतेश्वर ऋषि महादेव ( भूरिया बाबा )  प्रमुख मंदिर स्थित है | जिसका निर्माण एक गुर्जर ने शरू किया परन्तु मीणा जाती ने इसे पूर्ण कर यहाँ प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा की | यहाँ प्रतिवर्ष मंकर सक्रांति के 90 दिन बाद ( 13 अप्रेल से 15 मई के बिच ) मेला लगता है जो "मीणा जनजाति" का पप्रसिद्ध मेला है |

मीणा जनजाति के आराध्य देव भूरिया बाबा है | मीणा जनजाति का व्यक्ति गोमतेश्वर ऋषि महादेव ( भूरिया बाबा ) की झूँठी कसम नहीं खाता है | 


बाबा मामादेव :-

बाबा मामादेव की वर्षा के लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है | इनकी मूर्ति मिट्टी या पत्थर की न होकर लकड़ी के कलात्मक तोरण बनाकर गाँव के मुख्य प्रवेश मार्ग पर स्थापित किए जाते है | इन्हे प्रसन्न करने के लिए "भैंस की क़कुर्बानी" दी जाती है | इनका प्रमुख मंदिर "स्यालोदड़ा" ( सीकर ) में स्थित है जहाँ प्रतिवर्ष रामनवमी को मेला भरता है | 

Post a Comment

Whatsapp Button works on Mobile Device only

Start typing and press Enter to search