Friday, 26 August 2011

मोरू भाई पांवणा


आया आया रे
मोरू भाई पांवणा

कांई आगे धोरा वाळो देश
बीरो बणजारो रे
कांई आया म्‍हारा देवर जेठ
बीरो बणजारो रे

सासू रांध्‍या रे मोरू भाई बांकळा
म्‍हारी नणद बिलोवे खाटी छाछ
बीरो बणजारो रे

मंगरिया उंछाळू रे
मोरू भाई बांकळा
नदिया में लिमोऊं खाटी छाछ
बीरो बणजारो रे

माथा धोऊं रे
मोरू भाई मेट सूं
कांई घालूं चमेली रो तेल
बीरो बणजारो रे

No comments:

Post a Comment